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10th December History: मानवाधिकार आयोग दिवस के साथ कई अच्छी और बुरी घटनाओं का गवाह है 10 दिसंबर

<p style="text-align: justify;"><strong>Historical Day of 10th December:</strong> आज 10 दिसंबर है. कैलेंडर पर आम दिनों जैसे नजर आने वाले इस दिन को अगर आप इतिहास के चश्मे से देखेंगे तो आपको इसमें बहुत कुछ दर्ज मिलेगा. कुछ अच्छी तो कुछ बुरी घटनाएं भी इससे जुड़ी हैं और हर घटना का अपना महत्व है. इनमें से किसी को भी भुलाया नहीं जा सकता.</p> <p style="text-align: justify;">अगर दुनिया के लिहाज से देखें तो आज की तारीख सबसे ज्यादा अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस की वजह से जानी जाती है. संयुक्त राष्ट्र ने 1950 में आज ही की तारीख को मानवाधिकार दिवस घोषित किया था. इसका मकसद दुनियाभर के लोगों को मानवाधिकारों के महत्व के प्रति जागरूक करना था.</p> <p style="text-align: justify;">ये तो बात थी मानवाधिकार दिवस की, लेकिन 10 दिसंबर को कई और भी ऐसी घटनाएं हुईं हैं जिनका खास महत्व है. चलिए जानते हैं इनमें से कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>10 दिसंबर का इतिहास</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>1878 : जामिया मिलिया इस्लामिया के संस्थापकों में से एक मोहम्मद अली जौहर का आज ही के दिन रामपुर में जन्म हुआ था.</li> <li>1878 : चक्रवर्ती राजगोपालाचारी का जन्म भी आज ही के दिन हुआ था.</li> <li>1896 : नोबेल पुरस्कार के संस्थापक अल्&zwj;फ्रेड बर्नहार्ड नोबेल की मौत 10 दिसंबर को हुई थी.</li> <li>1898 : पेरिस संधि के बाद स्पेन-अमेरिका युद्ध समाप्त हुआ था.</li> <li>1902 : तस्मानिया में महिलाओं को मत देने का अधिकार मिला.</li> <li>1950 : इस तारीख को संयुक्त राष्ट द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस घोषित किया गया.</li> <li>1992 : गुजरात में देश की पहली होवरक्राफ्ट सेवा की शुरूआत हुई थी.</li> <li>2001 : दिग्गज अभिनेता अशोक कुमार का निधन भी आज ही के दिन हुआ था.</li> <li>2007 : 10 दिसंबर को क्रिस्टीना फर्नांडीज डी किर्चनेर अर्जेंटीना की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं.</li> <li>2016 : तुर्की के इस्तांबुल में एक फुटबॉल स्टेडियम के पास 10 दिसंबर को ही दो धमाके हुए थे, जिसमें 38 लोगों की मौत हुई थी.</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="9 साल में राहुल गांधी ने 12 बार लिखा- हार स्वीकार, सुधार करेंगे; आखिर कांग्रेस की मर्ज क्या है?" href="https://ift.tt/lHmL3fv" target="_self">9 साल में राहुल गांधी ने 12 बार लिखा- हार स्वीकार, सुधार करेंगे; आखिर कांग्रेस की मर्ज क्या है?</a></strong></p>

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