<p style="text-align: justify;"><strong>S Jaishankar On Indian Students Evacuation:</strong> यूक्रेन (Ukraine) और रूस (Russia) के बीच जारी युद्ध अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है. इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S Jaishankar) बताया कि किस तरह से सरकार ने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान वहां फंसे भारतीय छात्रों (Indian Students) को सुरक्षित भारत लाने में सफलता हासिल की. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन और जेलेंस्की को फोन किया, जिसके बाद ही हम अपने छात्रों को सुरक्षित लाने में कामयाब रहे. </p> <p style="text-align: justify;">दरअसल विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने गुजरात (Gujarat) दौरे के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के बीच हमारे 20 हजार से ज्यादा छात्र वहां फंस गए थे. जिसमें से सुमी और खार्कीव दो ऐसे शहर थे जहां हमारे छात्र सचमुच खतरे में थे. वहां, रोज गोलीबारी और फायरिंग हो रही थी. उनमें से एक शहर ऐसा था जहां यूक्रेन और रूस की सेना के अलावा कुछ दूसरे हथियारबंद लोग भी मौजूद थे जो आम लोगों को निशाना बना रहे थे. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>पीएम मोदी ने किया फोन</strong></p> <p style="text-align: justify;">विदेश मंत्री ने कहा कि जिस समय चारों तरफ गोलियां चल रही हो ऐसे में कौन बाहर निकलता है. उन्होंने कहा सुमी में तो हम छात्रों को निकालने के लिए बस भी ले गए, लेकिन फिर से गोली चलने के कारण छात्रों वापस लौट गए. ये सिलसिला बड़ी देर तक चलता रहा. इसके बाद अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को फोन किया. पीएम मोदी ने दोनों देशों के राष्ट्रअध्यक्षों से कहा कि हमारे बहुत से लोग यहां फंसे हुए हैं. आप हमें उन्हें यहां से निकालने के लिए कुछ फिक्स टाइम दीजिए, जिससे कि हम अपने लोगों को यहां से सुरक्षित निकाल सकें. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इसके बाद कहीं जाकर हम अपने लोगों को रूस और यूक्रेन से सुरक्षित बाहर निकाल पाने में सफल हुए.</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | "In Ukraine's Sumy & Kharkiv, PM Modi made a call to Presidents Putin & Zelensky, told them our children are stuck... got the assurance that firing will not happen during that period & that is how we were able to get our children out," EAM Dr S Jaishankar in Gujarat <a href="https://t.co/GSe7zD3eZ9">pic.twitter.com/GSe7zD3eZ9</a></p> — ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1582003074423730178?ref_src=twsrc%5Etfw">October 17, 2022</a></blockquote> <p> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>चलाया गया विशेष अभियान</strong></p> <p style="text-align: justify;">रूस के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच यूक्रेन के सुमी और खार्कीव में फंसे सभी भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए सरकार ने विशेष अभियान चलाया था. सरकार ने ऑपरेशन गंगा के तहत छात्रों को यूक्रेन के अलग-अलग शहरों से भारत लाने के लिए वहां विशेष विमान भेजे थे. ऑपरेशन गंगा के तहत यूक्रेन से 22 हजार भारतीयों को बाहर निकाला गया. सुमी में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://ift.tt/Vs8kJm6" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने इस साल 7 मार्च को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ टेलीफोन पर बात की थी. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>भारत हमेशा से शांति का पक्षकार</strong></p> <p style="text-align: justify;">गौरतलब है कि भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर शुरूआत से ही चिंता जताई है. भारत ने लगातार इस बात की वकालत की है कि मानवीय कीमत पर कोई समाधान नहीं निकाला जा सकता. साथ ही युद्ध को बढ़ाना किसी के भी हित में नहीं है. भारत लगातार कहता कहा है कि शत्रुता को तत्काल समाप्त कर बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटने के सभी प्रयास किए जाने चाहिए. भारत युद्ध के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है. </p> <p><strong>इसे भी पढ़ेंः-</strong></p> <p><strong><a title="जम्मू-कश्मीर टारगेट किलिंग: फारुख अब्दुल्ला बोले- जब तक इंसाफ नहीं होगा, ये बंद नहीं होगा" href="https://ift.tt/oIwgDAn" target="_self">जम्मू-कश्मीर टारगेट किलिंग: फारुख अब्दुल्ला बोले- जब तक इंसाफ नहीं होगा, ये बंद नहीं होगा</a></strong></p> <p><strong><a title="खड़गे या थरूर : चुनाव जीतने की बात हो या सियासी दांवपेंच, कौन ज्यादा है माहिर?" href="https://ift.tt/IS5nVBa" target="_self">खड़गे या थरूर : चुनाव जीतने की बात हो या सियासी दांवपेंच, कौन ज्यादा है माहिर?</a></strong></p>
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