<p style="text-align: justify;"><strong>Ruchira Kamboj Speech in UN Security Council:</strong> संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कांबोज ने एक बार फिर देश की बात को सदन में मजबूती से रखा. उन्होंने मंगलवार देर रात सदन में अफ्रीका की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा पर बोलते हुए भारत का पक्ष रखा. उन्होंने जिस अंदाज में भारत का पक्ष रखा, उसकी हर तरफ एक बार फिर प्रशंसा हो रही है. चलिए आपको भी बताते हैं कि रुचिरा कांबोज ने ऐसा क्या कहा और क्यों पहले भी चर्चा में रह चुकी हैं रुचिरा कांबोज.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>परिषद को कहा अब इन लोगों पर ध्यान देने की जरूरत</strong></p> <p style="text-align: justify;">मंगलवार को रुचिरा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति की बैठक में अफ्रीका के मुद्दे पर कहा, अफ्रीका के सामने सुरक्षा खतरा लगातार बढ़ रहा है और परिषद को वहां के सशस्त्र समूहों, आतंकवादी संगठनों पर ध्यान देने की जरूरत है. रुचिरा ने कहा कि भारत के लिए, अफ्रीका के साथ साझेदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और आगे भी रहेगी.</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Terrorist outfits like armed groups deserve the attention of the council in their response to addressing security threats confronting Africa today... For India, partnership with Africa is, and will remain a top priority: Ruchira Kamboj, Permanent Representative to the UN <a href="https://t.co/T5Z2iyGxo7">pic.twitter.com/T5Z2iyGxo7</a></p> — ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1579872240165715969?ref_src=twsrc%5Etfw">October 11, 2022</a></blockquote> <p> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>इससे पहले भी मजबूती से रख चुकी हैं भारत का पक्ष</strong></p> <p style="text-align: justify;">संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने इससे पहले भी भारत का पक्ष मजबूती से रख चुकी हैं. पिछले महीने 28 सितंबर को उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक में यूक्रेन विवाद पर भारत का पक्ष रखा था. रुचिरा कंबोज ने तब कहा था कि यूक्रेन संघर्ष का स्वरूप अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय है. भारत ने बार-बार इस शत्रुता को तत्काल समाप्त करने और बातचीत एवं कूटनीति के माध्यम से इस संघर्ष को हल करने की आवश्यकता का आह्वान किया है.</p> <p style="text-align: justify;">रुचिरा कंबोज ने तब भारत का पक्ष रखते हुए कई उदाहरण भी दिए थे. इसमें से एक पीएम नरेंद्र मोदी का भी था. उन्होंने कहा था कि उज्बेकिस्तान के समरकंद में हाल ही में एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री <a title="नरेंद्र मोदी" href="https://ift.tt/QL1wXoM" data-type="interlinkingkeywords">नरेंद्र मोदी</a> ने भी स्पष्ट तौर पर उनसे युद्ध छोड़ने की सलाह दी थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Shiv Sena Symbol: सियासी रण में मशाल बनाम ढाल-तलवार का मुकाबला, शिंदे और ठाकरे गुट के लिए कितनी बड़ी चुनौती है उपचुनाव?" href="https://ift.tt/Qh1LjHD" target="null">Shiv Sena Symbol: सियासी रण में मशाल बनाम ढाल-तलवार का मुकाबला, शिंदे और ठाकरे गुट के लिए कितनी बड़ी चुनौती है उपचुनाव?</a></strong></p>
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