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मकर संक्रांति के मौके पर सरकार ने किया Surya Namaskar का आयोजन, 75 लाख लोग हुए शामिल

<p style="text-align: justify;"><strong>Surya Namaskar</strong><strong> 2022</strong><strong>:</strong> केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने आज मकर संक्रांति के मौके पर 75 लाख लोगों के लिए वैश्विक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम आयोजित किया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल भी सूर्य नमस्कार करते हुए नज़र आए. उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति के अवसर पर हमने सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में देश-विदेश से करीब 75 लाख लोग शामिल हुए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>महामारी में स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है सूर्य नमस्कार- मंत्रालय</strong></p> <p style="text-align: justify;">आयुष मंत्रालय ने कहा कि &lsquo;सूर्य नमस्कार&rsquo; सूर्य की प्रत्येक किरण के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए सूर्य को प्रणाम के रूप में किया जाता है, क्योंकि वह सभी जीवों का पोषण करता है. मंत्रालय ने कहा, &lsquo;&rsquo;वैज्ञानिक दृष्टि से, सूर्य नमस्कार को प्रतिरक्षा विकसित करने और जीवन शक्ति में सुधार करने के लिए जाना जाता है, जो महामारी की आज की इस स्थिति में लोगों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है. सूर्य के संपर्क में आने से मानव शरीर को विटामिन डी मिलता है, जिसे दुनिया भर की सभी चिकित्सा शाखाओं में व्यापक रूप से मान्यता मिली है.</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="in">Assam | AYUSH Minister Sarbananda Sonowal performs Surya Namaskar under Azadi Ka Amrit Mahotsav celebrations <a href="https://t.co/Hc6U8YBEZb">pic.twitter.com/Hc6U8YBEZb</a></p> &mdash; ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1481807849433202689?ref_src=twsrc%5Etfw">January 14, 2022</a></blockquote> <p> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ग्लोबल वार्मिंग का संदेश देना उद्देश्य- मंत्रालय</strong></p> <p style="text-align: justify;">बयान के अनुसार, सूर्य नमस्कार के सामूहिक प्रदर्शन का उद्देश्य इसके जरिए जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग का संदेश भी देना है. आज की दुनिया में जहां जलवायु जागरूकता जरूरी है वहीं, दैनिक जीवन में सौर ई-ऊर्जा (हरित ऊर्जा) के इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन में काफी कमी आएगी, जिससे पृथ्वी को खतरा है.</p> <p style="text-align: justify;">बयान में कहा गया है, &lsquo;&lsquo;इसके अलावा, यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में मकर संक्रांति के महत्व को रेखांकित करेगा.&rsquo;&rsquo; सूर्य नमस्कार शरीर और मन के समन्वय के साथ 12 चरणों में किए जाने वाले आठ आसनों का एक समूह है. इसे ज्यादातर प्रात: काल में किया जाता है.</p> <h4 style="text-align: justify;">यह भी पढ़ें-</h4> <h4 class="article-title "><a href="https://ift.tt/3tyGM9Y आज लाखों लोग लगा रहे 'आस्था' की डुबकी, अब तक मिले 70 कोरोना पॉजिटिव, सुपर स्प्रेडर बन सकता है माघ मेला</a></h4> <h4 class="article-title "><a href="https://ift.tt/3Kaibyj Elections: तीन मंत्रियों के अलावा BJP के अब तक कितने विधायकों ने दिया इस्तीफा? यहां जानिए सभी के नाम</a></h4>

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