<p style="text-align: justify;"><strong>Delhi Police Cyber Cell</strong>: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की IFSO यूनिट (Cyber Cell) ने साइबर ठगी के बड़े गैंग का पर्दाफाश करते हुए 12 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके पास से 26 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 156 सिम कार्ड व 11 एटीएम कार्ड बरामद किए है. साइबर ठगों का ये गैंग जामताड़ा वेस्ट बंगाल और बेंगलुरु से चल रहा था. डीसीपी IFSO केपीएस मल्होत्रा के मुताबिक इनकी गिरफ्तारी के बाद साइबर ठगी के लगभग 1000 मामलों को लिंक किया है. पुलिस के मुताबिक ये गैंग फेक वेबसाइट और फेक एप्लीकेशन के जरिए पैन इंडिया लेवल पर लोगों के साथ ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे. </p> <p style="text-align: justify;">दरअसल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की IFSO यूनिट को बी पॉल नाम के एक शख्स ने शिकायत दी थी. शिकायत में उसने बताया कि उसने केनरा बैंक के कस्टमर केयर नंबर को गूगल पर सर्च किया और वहां से उसे कस्टमर केयर का एक फोन नंबर मिला. शिकायतकर्ता ने जब उस कस्टमर केयर नंबर पर कॉल किया तब बात करने वाले शख्स ने उसे एक वेबसाइट का लिंक दिया और उस वेबसाइट पर अपनी शिकायत पोस्ट करने की सलाह भी दी शिकायतकर्ता के मुताबिक जिस वेबसाइट का उसे लिंक मिला था वह वेबसाइट बिल्कुल केनरा बैंक की वेबसाइट जैसी ही दिखती थी. कस्टमर केयर पर बात करते हुए शिकायतकर्ता बी पॉल ने अपनी सारी पर्सनल जानकारी उस वेबसाइट पर साझा कर दी. इतना ही नहीं फोन पर बात कर रहे शख्स ने उसे एक एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए भी कहा जैसे ही शिकायतकर्ता ने एप्लीकेशन फोन में डाउनलोड किया वैसे ही उसका फोन हैक हो गया लेकिन इसकी भनक शिकायतकर्ता को नहीं थी और रात में उसके अकाउंट से 27 लाख रुपए की ट्रांजैक्शन हो गई. स्पेशल सेल की साइबर यूनिट ने मामला दर्ज कर इस मामले में अपनी जांच शुरू कर दी थी. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>फेक वेबसाइट बना कर करते थे ठगी</strong></p> <p style="text-align: justify;">डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि "ये अपनी एक फेक वेबसाइट गूगल पर बनाते हैं. अगर आपको बैंकिंग में कुछ प्रॉब्लम हुई या आपको कोई चेक बुक चाहिए या आपको अपने बैंक अकाउंट में कुछ बदलाव करने हैं या एटीएम कार्ड या फिर डेबिट कार्ड के लिए रिक्वेस्ट डालनी है तो आप कंसर्न्ड बैंक की वेबसाइट पर दिए हुए नंबर पर कॉल करेंगे. इस गैंग ने सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के थ्रू अपनी फेक वेबसाइट को ऊपर प्रमोट किया था. जब कोई विक्टिम इन्हें कॉल करता था तो ये गलत तरीके से गाइड करके अपनी वेबसाइट पर डिटेल डलवा लेते थे जो इतनी सिमिलर होती थी कि उसे पहचान पाना मुश्किल होता था कि वह फेक है. इसके बाद विक्टिम के फोन में एक एप्लीकेशन डाउनलोड करवा देते थे, जिसके थ्रू जो ओटीपी आता है उस ओटीपी का एक्सेस उनके पास चला जाता था. अगर विक्टिम के फोन में नेट बैंकिंग एक्टिवेट नहीं है तो नेट बैंकिंग एक्टिवेट कर उसके अकाउंट से सारा पैसा निकाल लिया जाता था"</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तीन जगह छापेमारी करने पर हुआ गिरोह का भंडाफोड़</strong></p> <p style="text-align: justify;">जांच के दौरान साइबर सेल की टीम ने तीन जगहों पर छापेमारी की. जामताड़ा, वेस्ट बंगाल और बेंगलुरु तीन जगह से 12 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया. डीसीपी मल्होत्रा ने बताया कि साइबर ठगी के तीनों मॉड्यूल अलग-अलग काम कर रहे थे जैसे जो बेंगलुरु वाला मॉड्यूल था उसका काम सिर्फ टेलीकॉलर की सर्विस देना और टेक्निकल सपोर्ट का काम था, जैसे फेक वेबसाइट व फेक ऐप बनाना. इसके अलावा जो वेस्ट बंगाल वाला मॉड्यूल था उसका काम था साइबर ठगों के गैंग को एक सिम कार्ड प्रोवाइड करना एटीएम कार्ड प्रोवाइड करना और बैंक अकाउंट प्रोवाइड करना. इस गैंग का सरगना जामताड़ा से गिरफ्तार हुआ है. उसका नाम मोहम्मद अंसारी है, अंसारी ही पूरे गैंग का मेन मास्टरमाइंड है. उसका काम ठगों की पूरी टीम को ऑर्गेनाइज करना और कोऑर्डिनेट करना था. इतना ही नहीं वह बाहर से टेक्निकल सपोर्ट भी प्रोवाइड करवाता था. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>गैंग के पर्दाफाश से सुलझा 27 लाख रुपए की ठगी का मामला</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस पूरे गैंग का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली पुलिस ने 27 लाख रुपए की ठगी के मामले को तो सुलझाया ही है साथ ही साथ 2 और मामले वर्कआउट हुए है. पुलिस ने सिर्फ बेंगलुरु मॉड्यूल से लगभग 1000 मामलों को लिंक किया है. पुलिस के मुताबिक जब जामताड़ा के मास्टरमाइंड और वेस्ट बंगाल से गिरफ्तार हुए साइबर ठाकुर से पूछताछ होगी तो ठगी के ऐसे ही और मामले लिंक होंगे.इतना ही नहीं वेस्ट बंगाल वाला जो गैंग पुलिस की गिरफ्त में आया है वह सिर्फ इसी गैंग को सिम कार्ड बैंक अकाउंट और एटीएम प्रोवाइड नहीं कर रहा था बल्कि साइबर ठगी के कई और गैंग्स को लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रोवाइड कर रहा था इसके अलावा ड्रग्स का धंधा करने वाले लोगों को भी वह सिम कार्ड दे रहा था.पुलिस ने अभी 111 अकाउंट सीज किए हैं.वही जामताड़ा से गिरफ्तार किए गए मोहम्मद अंसारी के खातों की डिटेल आनी अभी बाकी है. पुलिस की जांच जारी है पुलिस की टीम मोहम्मद अंसारी को रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ करेगी. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ठगी से बचने के लिए क्या करें</strong></p> <p style="text-align: justify;">डीसीपी मल्होत्रा के मुताबिक अगर आप ठगी का शिकार होने से बचना चाहते हैं तो इन बातों का आपको विशेष तौर पर ध्यान रखना होगा. "सबसे महत्वपूर्ण ये है कि जब आप गूगल सर्च पर वेबसाइट सर्च करते हैं तो उसमें अगर किसी ने कॉल सेंटर का मोबाइल नंबर दिया है तो उस पर बिल्कुल भी विश्वास ना करें. दूसरी बात यह क्रॉस चेक करने के बाद ही आप कोई डिटेल वेबसाइट में डालें. क्योंकि जो हमें दिखता है वह कई बार फेक होता है और फेक का पता हमें तब चलता है जब हमारे अकाउंट से पैसे निकल जाते हैं. आपके बैंक में जो रिलेशनशिप मैनेजर है उनके जरिए ही आप ट्रांजैक्शन करें. उसके अलावा जो बैंक की असली साइट्स है या दूसरी साईट्स हैं उन में फर्क है. सबसे पहले https वेबसाइट होनी चाहिए उसके अलावा बैंक कभी भी कोई एप्लीकेशन किसी से डाउनलोड नहीं करवाता है. वहींं वह आपसे आपका पिन नंबर मांगता और जो आपसे पिन नंबर मांगे या फिर ओटीपी मांगे तो वह 99% फेक है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="UP Election 2022: AAP से गठबंधन की चर्चा के बीच अखिलेश यादव का बड़ा बयान, तस्वीर शेयर कर कही ये बात" href="https://ift.tt/3CT8rDz" target="_blank" rel="noopener">UP Election 2022: AAP से गठबंधन की चर्चा के बीच अखिलेश यादव का बड़ा बयान, तस्वीर शेयर कर कही ये बात</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="abp न्यूज़ से राकेश टिकैत बोले- आंदोलन के बगैर देश में कुछ नहीं होता, बताया कौन सी मांगें पूरी होने पर खत्म होगा आंदोलान" href="https://ift.tt/3r5xvoF" target="">abp न्यूज़ से राकेश टिकैत बोले- आंदोलन के बगैर देश में कुछ नहीं होता, बताया कौन सी मांगें पूरी होने पर खत्म होगा आंदोलान</a></strong></p>
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