<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> केंद्र के पर्यटन मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखकर यात्रा के एक समान नियम अपनाने की अपील की है. मंत्रालय ने कहा है कि पूर्ण टीकाकरण करा चुके यात्रियों को कोविड का आरटी-पीसीआर सर्टिफिकेट दिखाने से छूट दी जानी चाहिए. ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही अंतरराज्यीय यात्रा करने वाले यात्रियों को आरटी-पीसीआर सर्टिफिकेट दिखाने से छूट मिल सकती है.</p> <p style="text-align: justify;">दरअसल, अभी कुछ राज्यों में आने वाले वैक्सीन की दोनों ले चुके यात्रियों को भी आरटी-पीसीआर सर्टिफिकेट दिखाना अनिवार्य है. ये राज्य हैं- पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, गोवा, छत्तीसगढ़ आदि. वहीं कुछ राज्यों में वैक्सीन के दोनों डोज लेने वाले लोगों को बगैर नेगेटिव आरटी-पीसीआर सर्टिफिकेट के यात्रा की अनुमति है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भारत में कोरोना संक्रमण की स्थिति</strong><br />भारत में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का कहर अब कम हो गया है. अब तक तीन करोड़ 20 लाख से ज्यादा लोग इस महामारी से संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से चार लाख 29 हजार से ज्यादा अपनी जान गंवा चुके हैं. हालांकि तीन करोड़ 12 लाख लोग महामारी से मुक्त भी हो चुके हैं. वहीं करीब चार लाख एक्टिव केस हैं. यानी ये लोग अभी भी संक्रमित हैं. इनका इलाज जारी है.</p> <p style="text-align: justify;">वहीं टीकाकरण की बात करें तो, अब तक 52 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी है. कोविड वैक्सीन की पहली डोज 40 करोड़ लोग इस्तेमाल कर चुके हैं जबकि दूसरी डोज के तौर पर 11 करोड़ लगाया गया. इस तरह पहली डोज में टीकाकरण करानेवाली 30 फीसदी आबादी शामिल हो गई और दूसरी डोज में आबादी का प्रतिशत 8.51 फीसदी है.</p> <p style="text-align: justify;">आपको बता दें कि राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत 16 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मियों के लिए टीकाकरण मुहिम शुरू की गई थी. दो फरवरी से अग्रिम मोर्चा के कर्मियों को इजाजत दी गई. एक मार्च से टीकाकरण के अगले चरण में 60 साल से अधिक और गंभीर बीमारी वाले 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को शामिल किया गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/sit-collected-evidence-from-kanpur-locked-room-after-36-years-of-sikh-riots-1952716">कानपुर: सिख दंगों के 36 साल बाद SIT ने एक बंद कमरे से जुटाए सबूत, जहां हुई थी हत्याएं</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/3s7K1CN Day Traffic Advisory: 15 अगस्त से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट, जानिए कौन-से रास्ते रहेंगे बंद</a></strong></p>
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