<p style="text-align: justify;"><strong>EOS-03 Launch:</strong> भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज सुबह 5 बजकर 43 मिनट पर अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट (EOS -03) को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है. आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) के जरिये ये सैटेलाइट लॉन्च की गई. चक्रवात, तूफान और बादलों के फटने जैसी प्राकृतिक आपदाओं को मॉनिटर करने में ये सैटेलाइट मदद करेगी. साथ ही इसकी मदद से भारत को दुश्मन की जमीन पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखने में भी मदद मिलेगी. </p> <p style="text-align: justify;">[tw]https://twitter.com/isro/status/1425611851627261956?s=20[/tw]</p> <p style="text-align: justify;">इसरो के अनुसार, "इस जीएसएलवी फ़्लाइट में पहली बार एक 4 मीटर डायमीटर का पेलोड भी भेजा गया है." EOS -03 एक स्टेट ऑफ आर्ट अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है जिसे जीएसएलवी F-10 अंतरिक्ष के जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित करेगा. इसके बाद ये सैटेलाइट खुद के onboard propulsion system की मदद से जियोस्टेशनरी ऑर्बिट तक पहुंचेगा. इस लॉन्च के लिए उल्टी गिनती बुधवार सुबह 03.43 को शुरू हुई.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पिछले कुछ समय से टलता आ रहा था लॉन्च</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट का नाम GiSAT-1 है. लेकिन इसका कोड नेम EOS-03 दिया गया है. इस साल 28 मार्च को इसका लॉन्च होना था लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के चलते इसे टाल दिया गया था. इसके बाद अप्रैल और मई में भी कोविड-19 की दूसरी लहर के चलते इसे लॉन्च नहीं किया जा सका था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>EOS-3 को कहा जाता है स्पाई सैटेलाइट </strong></p> <p style="text-align: justify;">EOS-3 के जरिए भारत दुश्मन की जमीन पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रख सकेगा. खासकर चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर भी नजर रखने में यह सैटेलाइट मिलिट्री इंटेलिजेंस के लिए काफी कारगर साबित होगा. यहीं कारण है कि इसे स्पाई सैटेलाइट या आई इन द स्काई कहा जा रहा है. इसके अलावा ये सैटेलाइट कृषि, जंगल, मिनरेलॉजी, आपदा से पहले सूचना देना, क्लाउड प्रॉपर्टीज, बर्फ, ग्लेशियर समेत समुद्र की निगरानी करना या किसी भी तरह के फॉरेस्ट के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा.</p> <p style="text-align: justify;">ये सैटेलाइट 10 साल तक देश को अपनी सेवा देगा. यह उपग्रह सिर्फ दिन में ही नहीं बल्कि रात में भी इन्फ्रारेड तस्वीरें ले सकेगा. इस सैटेलाइट में तीन कैमरे लगे हैं. पहला मल्टी स्पेक्ट्रल विजिबल एंड नीयर-इंफ्रारेड (6 बैंड्स), दूसरा हाइपर-स्पेक्ट्रल विजिबल एंड नीयर-इंफ्रारेड (158 बैंड्स) और तीसरा हाइपर-स्पेक्ट्रल शॉर्ट वेव-इंफ्रारेड (256 बैंड्स). 2268 किलोग्राम वजनी EOS-3 सैटेलाइट अब तक का भारत का सबसे भारी अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट होगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें </strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/narendra-modi-will-participate-in-aatmanirbhar-narishakti-se-samvad-today-will-interact-with-the-women-members-of-the-groups-1952692">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘आत्मनिर्भर नारीशक्ति से संवाद’ में लेंगे हिस्सा, समूहों की महिला सदस्यों से करेंगे बातचीत</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/3fYi0sn Monsoon Update: देश में अगले कुछ दिन हल्की रहेगी बारिश की रफ्तार, 16 अगस्त से आएगी तेजी</a></strong></p>
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