<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक अब से कुछ देर पहले आंध्र प्रदेश में हैदराबाद के पास 4.0 तीव्रता का भूकंप आया है. एजेंसी द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र हैदराबाद से 156 किमी दक्षिण (एस) में था. भूकंप सुबह 5 बजे IST सतह से 10 किमी की गहराई पर मापा गया.</p> <p>वहीं, बीती रात पूर्वी सिक्किम में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूंकप की तीव्रता यहां भी 4.0 मापी गई. जानकारी के मुताबिक, भूकंप बीती रात 8 बजकर 39 मिनट पर आया जिसके झटके महसूस किए गए. खबरों की माने तो लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकले वहीं, किसी प्रकार की जानमाल को नुकसान नहीं पहुंचा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता</strong></p> <p style="text-align: justify;">भूकंप की तीव्रता को मापने के लिए रिक्टर स्केल का पैमाना इस्तेमाल किया जाता है. इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है. रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के अंकों के आधार पर मापा जाता है. भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है.</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en">An earthquake of magnitude 4.0 occurred around 5 am this morning in South of Hyderabad, Andhra Pradesh: National Center for Seismology</p> — ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/1419472743318261763?ref_src=twsrc%5Etfw">July 26, 2021</a></blockquote> <p style="text-align: justify;"> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>आखिर क्यों आता है भूकंप</strong></p> <p style="text-align: justify;">धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है. इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट. क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर के नाम से जाना जाता है. ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है. इसे टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है. ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर हिलती-डुलती रहती हैं. जब ये प्लेट बहुत ज्यादा हिलने लगती है तो उसे भूकंप कहते हैं. ये प्लेट क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं. इसके बाद वह स्थिर रहते हुए अपनी जगह तलाशती हैं इस दौरान एक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे आ जाता है.</p> <p style="text-align: justify;">भूकंप की तीव्रता का अंदाजा केंद्र (एपीसेंटर) से निकलने वाली ऊर्जा की तरंगों से लगाया जाता है. इन तरंगों से सैंकड़ो किलोमीटर तक कंपन होता है और धरती में दरारें तक पड़ जाती है. अगर भूकंप की गहराई उथली हो तो इससे बाहर निकलने वाली ऊर्जा सतह के काफी करीब होती है जिससे भयानक तबाही होती है. लेकिन जो भूकंप धरती की गहराई में आते हैं उनसे सतह पर ज्यादा नुकसान नहीं होता. समुद्र में भूकंप आने पर उंची और तेज लहरें उठती है जिसे सुनामी भी कहते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें.</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="प्रियंका गांधी का केंद्र पर निशाना, कहा- सरकार के पास ‘शहीद किसानों’ का आंकड़ा नहीं, कृषि कानून रद्द हो" href="https://ift.tt/2UPwEuB" target="_blank" rel="noopener">प्रियंका गांधी का केंद्र पर निशाना, कहा- सरकार के पास ‘शहीद किसानों’ का आंकड़ा नहीं, कृषि कानून रद्द हो</a></strong></p>
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