<p style="text-align: justify;"><strong>गुवाहाटी:</strong> असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने सुशासन और स्वयं सहायता समूह के हित में आज राष्ट्रगान गाने के लिए प्रोटोकॉल, सरकारी कार्यक्रमों में पारंपरिक व्यंजनों को परोसना, सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी पुरस्कार की शुरुआत समेत कई अहम फैसले लिए हैं.</p> <p style="text-align: justify;">वहीं, मंत्री और सरकार के प्रवक्ता पीयूष हजारिका ने बताया कि मंत्रिमंडल ने यह भी फैसला किया कि संरक्षक मंत्री और सचिव सात जिलों का दौरा करेंगे जहां कोविड-19 की वजह से पूर्ण लॉकडाउन लागू है और वह तीन दिन रहकर स्थिति की निगरानी करेंगे.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने जिलों के विभन्न पहलुओं पर गौर करने के बाद कई ‘संरक्षक मंत्री’ और ‘संरक्षक सचिव’ नियुक्त किया है. बता दें कि उच्च संक्रमण दर की वजह से गोलपाड़ा, गोलाघाट, जोरहाट, लखीमपुर, सोनितपुर, विश्वनाथ और मोरेगांव में पूर्ण पाबंदी लगाई गई है.</p> <p style="text-align: justify;">मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘हमने स्वयं सहायता समूह और सुशासन के हित में असम मंत्रिमंडल में कई अहम फैसले किए हैं. जिनमें राज्य/राष्ट्र गान के लिए प्रोटोकॉल और सरकारी बैठकों में पांरपरिक व्यंजन परोसना, सर्वश्रेष्ठ कर्मचारी पुरस्कार की घोषणा, टीईटी प्रमाणपत्र की वैधता बढ़ाना शामिल है.’’</p> <p style="text-align: justify;">[tw]https://twitter.com/himantabiswa/status/1412720749689774082[/tw]</p> <p style="text-align: justify;">हजारिका ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि मंत्रिमंडल ने फैसला किया कि अब से राज्य गान ‘ओ मुर अपुर देख’ (ओ मेरी मातृभूमि) प्रत्येक सरकारी कार्यक्रम की शुरुआत में बजाया जाएगा जबकि कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान ‘ जन गण मन’ से होगा.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने कहा कि बैठक में फैसला किया गया अब से राज्य के बुनकरों द्वारा हाथ से बुना ‘गमछा’ ही मेहमानों को भेंट किया जाएगा और सरकारी कार्यक्रमों में पांरपरिक व्यंजन ही परोसे जाएंगे ताकि स्थानीय स्वयं सहायता समूह को सशक्त किया जा सके.</p> <p style="text-align: justify;">असम की परंपरा रही है कि मेहमान का स्वागत गमछा भेंट कर किया जाता है. जल संसाधन मंत्री हजारिका ने बताया कि मंत्रिमंडल ने फैसला किया कि असम के पहले मुख्यमंत्री लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई की पुण्यतिथि पांच अगस्त को हर साल ‘कर्मचारी दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा. इस दिन जिला स्तर पर राज्य सरकार के पांच अराजपत्रित कर्मचारियों को और राज्य स्तर पर 10 कर्मचारियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर सम्मानित किया जाएगा और विजेता कर्मचारी को एक साल का सेवा विस्तार दिया जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;">मंत्रिमंडल ने स्वतंत्रता सेनानी देशभक्त तरुण राम फुकन की पुण्यतिथि 28 जुलाई को अब हर साल ‘देश भक्ति दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है. इस दिन राज्य का सूचना एवं जनसंपर्क विभाग विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगा.</p> <p style="text-align: justify;">हजारिका ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने शिक्षक अर्हता परीक्षा (टीईटी) प्रमाण पत्र की वैधता जीवनपर्यंत करने का फैसला किया है और उम्मीदवारों को अंक सुधार के लिए परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी लेकिन भर्ती में अधिकतम उम्र की सीमा कायम रहेगी.</p> <p style="text-align: justify;"> </p>
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