<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा है कि डेटा सुरक्षा कानून को लेकर वह काफी उत्साहित हैं. उनका कहना है कि व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक की जांच करने वाली संयुक्त संसदीय समिति ने अभी तक अपनी रिपोर्ट जमा नहीं की है. उनके अनुसार जल्द ही संसद की प्रवर समिति अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दे देगी, जिसके बाद इस कानून को संसद से मंजूरी मिल जाएगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस ने रिपोर्ट को लेकर साधा निशाना</strong></p> <p style="text-align: justify;">वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पैनल के सदस्यों को अभी एक रिपोर्ट देखना बाकी है. रविशंकर प्रसाद की टिप्पणियों के जवाब देते हुए रमेश ने कहा था कि 'मैं आश्चर्यचकित हूं कि 8 मार्च को अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी लेखी की ओर से मुझे आश्वासन दिया गया था कि सदस्यों की ओर से रिपोर्ट जल्द ही आ जाएगी, वहीं रिपोर्ट अभी भी पूरी नहीं हुई है.'</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en">I understand that the Select Committee of the Parliament is still to finalise its report on Data Protection Law. I appreciate their hard work. I look forward to their final report so that the Parliament approves a Data Protection Law soon.</p> — Ravi Shankar Prasad (@rsprasad) <a href="https://twitter.com/rsprasad/status/1401873432699031558?ref_src=twsrc%5Etfw">June 7, 2021</a></blockquote> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> <p style="text-align: justify;">इस पर रविशंकर ने साफ किया है कि रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाना बाकी रह गया है. उन्होंने कहा 'मैं उनकी (समिति की) कड़ी मेहनत की सराहना करता हूं. मैं उनकी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा हूं ताकि संसद जल्द ही डेटा संरक्षण कानून को मंजूरी दे सके.'</p> <p style="text-align: justify;">कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में देरी पर निशाना साधा है. तिवारी ने ट्विटर पर लिखा 'प्रवर समिति ने दिसंबर 2020 में अपनी चर्चा पूरी कर ली थी. 6 महीने से अभी कोई फाइनल रिपोर्ट नहीं आई है.' </p> <p style="text-align: justify;"><strong>जल्द दिया जाएगा रिपोर्ट को अंतिम रूप</strong></p> <p style="text-align: justify;">मामले से परिचित लोगों के अनुसार, समिति के विचार-विमर्श के परिणामस्वरूप मूल विधेयक और रिपोर्ट के बीच कुछ 'गंभीर मतभेद' हुए हैं. मामले से परिचित एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर कहा 'रिपोर्ट को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है, जो मूल बिल से बहुत अलग होगी, जिस पर समिति ने बहस की थी.'</p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक की समीक्षा के लिए 2019 में समिति का गठन किया गया था, जिसे 17वीं लोकसभा में पेश किया गया था. इसने पहली बार पिछले साल शीतकालीन सत्र तक विस्तार मांगा. इसके बाद इसे बजट सत्र के दूसरे भाग के पहले सप्ताह तक बढ़ा दिया गया. इस पर रिपोर्ट को अब मानसून सत्र में सौंपे जाने की संभावना बनती दिख रही है.</p> <p style="text-align: justify;"> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>इसे भी पढ़ेंः</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/prime-minister-narendra-modi-nation-address-tells-how-much-vaccine-in-trial-phase-in-india-1923991">भारत में अभी बच्चों और 18 साल से ऊपर वालों के लिए कितनी वैक्सीन पर चल रहा है काम? PM मोदी ने देश को बताया</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"> </p> <p style="text-align: justify;"> </p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3psZZWP के फ्री वैक्सीन देने के एलान पर मनीष सिसोदिया बोले- सुप्रीम कोर्ट का आभार...</strong></a><br /><br /></p>
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