<p style="text-align: justify;">सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चुनाव आयोग से कहा कि मीडिया को अदालत द्वारा की गई मौखिक टिप्पणियों की रिपोर्टिंग से नहीं रोका जा सकता है. सर्वोच्च अदालत ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया शक्तिशाली प्रहरी है, उच्च न्यायालयों में चर्चा की रिपोर्ट करने से मीडिया को कतई नहीं रोका जा सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा कि मीडिया को ओरल ऑब्जर्वेशन की रिपोर्टिंग से रोकने की उनकी अपील कतई सही नहीं है और इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती.</p> <p style="text-align: justify;">[tw]https://twitter.com/PTI_News/status/1389091913643356165?s=20[/tw]</p> <p style="text-align: justify;">बता दें कि न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने ये बात मद्रास हाईकोर्ट द्वारा इलेक्शन कमीशन पर मर्डर्र का चार्ज लगाए जाने की टिप्पणी को चुनौती देने वाले मतदान पैनल की याचिका पर सुनवाई के दौरान कही है. दरअसल कोरोना संक्रमण की दूसरी घातक लहर के बीच राजनीतिक रैलियों की अनुमति देने के लिए मद्रास उच्च न्यायालय ने भारत के चुनाव आयोग को काफी फटकार लगाई थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <div class="article-data _thumbBrk uk-text-break"> <p><a href="https://ift.tt/3xKxXtp Results 2021: बंगाल में दीदी को प्रचंड बहुमत तो असम में बीजेपी की वापसी, केरल में लेफ्ट का कमाल, पढ़ें- सभी राज्यों का हाल</strong></a></p> </div>
from india https://ift.tt/3eNyFgV
via

0 Comments