<p style="text-align: justify;"><strong>International support:</strong> देश में कोरोना की दूसरी लहर उफान पर है. रोजाना करीब चार लाख से ज्यादा संक्रमण का आंकड़ा पहुंच गया है. पिछले कई दिनों से देश भर के अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. कई Covid -19 patient ऑक्सीजन की वजह से मर रहे हैं. लेकिन अच्छी बात यह है कि अब दुनिया भर से भारत में कोरोना से लड़ाई के लिए मदद का हाथ आगे बढ़ाया है. अमेरिका और ब्रिटेन के बाद कई देशों से हर रोज ऑक्सीजन देश में पहुंचने लगी है. अब तक दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ऑक्सीजन और अन्य सामग्रियों से भऱी 25 फ्लाइटें पहुंच चुकी है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कहां-कहां से आ रही है मदद&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;"><br /><strong>नीदरलैंड&nbsp;</strong><br />नीदरलैंड से 449 वेंटिलेटर्स, 100 कंसन्ट्रे टर्स और अन्यस मेडिकल सप्लालई लाने वाली एक फ्लाइट आज सुबह भारत पहुंची. विदेश मंत्रालय ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में बाकी मेडिकल उपकरण जहाज से भी भेजे जाएंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>स्विट्जरलैंड</strong><br />स्विट्जरलैंड से 600 ऑक्सिजन कंसन्ट्रे टर्स, 50 वेंटिलेटर्स और अन्यभ मेडिकल सप्लाेई लेकर एक फ्लाइट आज सुबह भारत पहुंची है.<br />&nbsp;<br /><strong>ब्रिटेन</strong></p> <p style="text-align: justify;">इससे पहले 4 मई को इंडियन एयर फोर्स की फ्लाइट ब्रिटेन से ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर आई. यह फ्लाइट चेन्नई इंटरनेशन एयरपोर्ट पर पहुंची थी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अमेरिका</strong><br />अमेरिका से कई चीजें आ रही हैं. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने बताया कि अब तक भारत के लिए छह विमानों के जरिये मदद भेजी गई है. इनमें ऑक्सीजन, ऑक्सीजन सप्लाई, &nbsp;N95 मास्क, टेस्ट किट और दवाइयां शामिल हैं. उन्होंने बताया कि भारत सरकार के अनुरोध पर अमेरिकी मदद की खेप इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी को सुपुर्द की गई है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कई अन्य देशों से भी आई मदद&nbsp;</strong><br />भारत को 3 मई तक 14 देशों से इमरजेंसी सप्लाई मिल चुकी है, जिसमें यूके, मॉरीशस, सिंगापुर, रूस, यूएई, आयरलैंड, रोमानिया, थाईलैंड, अमेरिका, जर्मनी, उजबेकिस्तान, फ्रांस, इटली और बेल्जियम शामिल हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के लव अग्रवाल का कहना है कि अभी हम सारी सप्लाई ले रहे हैं, जल्द ही भारत में इनका इनका वितरण शुरू होगा. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विदेश से क्या क्या आ आए&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">&bull; ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर - 1,676<br />&bull; वेंटीलेटर - 965<br />&bull; ऑक्सीजन सिलेंडर &nbsp;- 1,799<br />&bull; ऑक्सीजन सिलेंडर एडेप्टर -20<br />&bull; ऑक्सीजन जेनरेटिंग प्लांट &nbsp;- 1<br />&bull; ऑक्सीजन थेरेपी डिवाइस - 20<br />&bull; बेडसाइड मॉनिटर - 150 &nbsp;<br />&bull; BiPAPs, कवरऑल, गोगल और मास्क - 480<br />&bull; पल्स ऑक्सीमीटर - 210<br />&bull; रेपिड डाइगनोस्टिक किट - 8,84,000<br />&bull; N-95 फेस मास्क - 9,28,800<br />&bull; रेमडेसिविर - 1,36,000<br />&bull; इलेक्ट्रिक सीरिंज पंप - 200<br />&bull; AFNOR/BS फ्लेक्सिबल ट्यूब - 28<br />&bull; एंटी बैक्टीरियल फिल्टर - 500<br />&bull; मशीन फिल्टर और पेशेंट सर्किट - 1000</p> <p style="text-align: justify;"><br />इस बीच सरकार ने कहा है कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर में मच रही तबाही के पीछे डबल म्यूटेंट ही जिम्मेदार हो सकता है. कुछ दिनों पहले WHO ने बताया था कि डबल म्यूटेंट वैरिएंट सबसे पहले भारत में पाया गया था जो अब कम से कम 17 देशों में फैल चुका है. देशभर में अब तक कोविड टीकाकरण में 16,48,76,248 करोड़ डोज़ दी गई हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक गुरुवार शाम 8 बजे तक 18-44 आयु वर्ग के 2.62 लाख से अधिक लाभार्थियों को वैक्सीन की डोज़ लगाई गई है.&nbsp;</p>

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